शहीद माँ

शहीद माँ



शहीद माँ का एक अरमान
देश के लिए हो उसकी संतान,
लाल भेजे सरहद पर अपना
बोले मेरा बस एक सपना....

भूल कर तु सब आराम
आए बस मेरे देश के काम,
सीमा पर तुमको भेजा है
छल्ली किया कलेजा है....

बिन तेरे रहना ना आसान
जपति हूं बस तेरा नाम ,
तेरे बिन ये कैसा सवेरा है
हर एक ओर अंधेरा है....

जाने कल कैसा आएगा
ये हमको कौन बताएगा,
तब ना मैं होंगी हैरान
शहीदों में अगर हो तेरा नाम....

मिलना मुझ को क्या इनाम
लाल कर दिया देश तेरे नाम,
देश के लिए तुझको मरना है
तो डर कर अब क्या करना है....

शिकवा नहीं कोई करना है
देश ये बेटा तेरा है,
तिरंगे में जब तू आएगा
हर कोई आंसू बहाएगा....

मिलते तुझको देखूं जब सम्मान
बोले मन मेरा एक ही बात,
रख लिया तूने मेरा मान
देश को देकर अपने प्राण....

अगर होती और भी संतान
वह भी कर देती कुर्बान,
क्योंकि शहीद माँ का एक अरमान
देश के लिए हो उसकी संतान।

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